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जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में वीरवार को राष्ट्रीय हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन आदि के माध्यम से राजभाषा हिन्दी का महत्व समझाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई।

कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के कानून विभाग में सेवारत प्रो. अजय रंगा बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्रो. अजय रंगा ने कहा कि किसी भी समाज की उम्मीदों-आकांक्षाओं और विचारों की सबसे सहज और प्रभावी अभिव्यक्ति उसकी मातृभाषा के माध्यम से ही सम्भव है। उन्होंने कहा कि विश्व के सभी विकसित देशों ने स्व-भाषा से ही उन्नति की है। भारत को भी अमृत काल में विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आने के लिए मातृभाषा हिन्दी को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

वहीं, अपने सन्देश में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने कहा कि मां, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता है। अतः हर भारतीय को अपने जीवन में मातृभाषा हिन्दी को सर्वोच्च महत्व देना चाहिए। तभी हम अपनी क्षमताओं और सामर्थ्य की सार्थक अभिव्यक्ति कर सकेंगे।