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शिमला, 25 सितम्बर
कोरोना संक्रमण काल के दौरान बाहरी राज्यों से रोजगार छोड़ प्रदेश में आए स्थानीय लोगों के पुर्नवास के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना अत्यंत प्रभावकारी माध्यम है। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने आज यहां जिला स्तरीय मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस योजना के तहत बेरोजगार युवा नए पोर्टल mmsy.hp.gov.in के माध्यम से आवेदन करें।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 78 आवेदन प्राप्त किए गए हैं, जिसमें से कमेटी द्वारा प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात् 42 को अनुमोदित किया गया है, जिस पर 5 करोड़ 11 लाख 75 हजार रुपये का कुल निवेश प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में निर्माण, बुटीक, होटल व रेस्टोरेंट, शैटरिंग, ब्यूटीपार्लर, ट्रेडिंग एवं एप्पल ग्रेडिंग व पैकेजिंग आदि शामिल है।
उपायुक्त ने जिले मंे समस्त बैंकों को निर्देश दिए कि बैंक इन योजना के तहत आने वाले आवेदनों को सकारात्मकता व शीघ्रता से ऋण प्रदान करें ताकि जिला के नागरिकों को स्वावलंबी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संशोधन किया गया है, जिसमें स्व संचालित ई-रिक्शा, सोलर पावर 3 पहिया, छोटे माल वाहक के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है, जिसे समिति की अगली बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। जिले में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत अब तक 151 आवेदनों को अनुमोदन दिया गया है।
इस अवसर पर जिला स्तरीय कमेटी सचिव मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना योगेश गुप्ता, जिला समन्वयक अधिकारी काॅपरेटिव बैंक संजय शर्मा, प्रबंधक डीआईसी रमेश शर्मा तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।