Tue. Jun 25th, 2024

मंडी, 25 जून : कोरोना काल के संकटपूर्ण समय में कमला देवी के परिवार के लिए मंडी जिला प्रशासन की ‘सर्व-संकल्प’ टीम की भूमिका संकट मोचक सरीखी साबित हुई है। दरअसल, बल्ह उपमंडल की दूर दराज की ग्राम पंचायत छमयार के कुटाहची गांव की कमला देवी को अपने बीमार पति व बेटे की दवाइयों की चिंता सता रही थी, ये पता चलते ही प्रशासन की टीम उनके घर पहुंची और तीन माह की दवाइयां निःशुल्क देकर उन्हें चिंता-मुक्त कर दिया।
हिमाचल सरकार और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता से अभिभूत कमला देवी ने संकट की घड़ी में इस मदद के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का दिल से आभार जताया है। कहा कि कठिन समय में सरकार से मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए संजीवनी की तरह है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री की बारंबार धन्यवादी हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं के लाभ घर द्वार पर मिलने से दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीणों के जीवन में नया भरोसा जगा है।
काबिले जिक्र है कि कोरोनाकाल में लोगांे की सहुलियत के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के निर्देशों की अनुपालना में मंडी जिला प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगजनों की सहायता और उन्हें घरद्वार पर दवाइयां मुहैया करवाने के लिए ‘सर्व-संकल्प’ कार्यक्रम आरम्भ किया है। जिला रैडक्रॉस सोसायटी इसमें नोडल एजेंसी का काम कर रही है और अनेक लोग इस सेवा से लाभान्वित हो रहे हैं।
‘सर्व’ स्वयंसेवियों की मदद से चलाया जा रहा कार्यक्रम
अब तक 356 वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांगजन लाभान्वित
सर्व संकल्प कार्यक्रम के जरिए मंडी जिला में सभी पंचायतों एवं शहरी निकायों में दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न जरूरी सेवाएं घरद्वार पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस कार्यक्रम को प्रशिक्षित ‘सर्व’ स्वयंसेवियों (सर्व-सोशल इमरजेंसी रिस्पॉंस वालंटीयर्स) की मदद से चलाया जा रहा है । जिला में बुजुर्गों व दिव्यांगजनों का डाटा तैयार किया गया है। जिला में 10600 सर्व स्वयंसेवी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कार्यक्रम के तहत अभी तक जिला के 356 वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांगजन लाभान्वित हो चुके हैं।
…जब जिला प्रशासन की टीम दवाई लेकर पहुंची घर
कमला देवी बताती हैं कि उनके पति लंबे अरसे से मानसिक रोग से ग्रस्त हैं। विधि के खेल ऐसे कि कुछ साल पीछे इकलौते बेटे को भी यही रोग लग गया। डॉक्टरों ने नियमित तौर पर दवाई खाने को कहा है। उनकी दवाइयां खत्म होने को थीं और लॉकडाउन में घर से 60 किलोमीटर मंडी शहर जाकर दवाइयां लाने का कोई साधन और सूरत नजर नहीं आ रही थी।
बकौल कमला ‘एक रोज उनकी पंचायत कीे ‘सर्व-संकल्प’ की स्वयंसेवी अंजना देवी के पूछने पर उससे अपनी व्यथा कह सुनाई। उसने दवाई की पर्चियों के फोटो खींचे और दो-एक रोज में जिला प्रशासन की टीम रैडक्रास सोसायटी के सचिव ओपी भाटिया की अगुवाई में दवाई लेकर खुद मेरे घर आ गई। ये मेरे लिए सुखद आश्चर्य और प्रसन्नता के क्षण थे।’
रैडक्रॉस सोसायटी के सचिव ने खुद घर पहुंचाई दवाइयां
जिला रैडक्रॉस सोसायटी, मंडी के सचिव ओपी भाटिया बताते हैं कि सर्व स्वयंसेवी अंजना देवी ने व्हाट्सऐप पर दवाइयों की जो पर्चियां भेजी थीं, उनके अनुरूप दवा खरीद कर कमला के परिवार को तीन माह की दवाइयां निःशुल्क दी गई हैं। वे खुद उनके घर जाकर से दवाइयां देकर और कुशलक्षेम जानकर आए हैं।
क्या कहते हैं जिलाधीश
जिलाधीश ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोरोनाकाल में लोगों को सभी जरूरी सेवाएं व सुविधाएं उनके घर द्वार पर मुहैया करवाई जाएं । सर्व संकल्प कार्यक्रम इस दिशा में उठाए गए कदमों की कड़ी में एक अभिनव पहल है। कार्यक्रम के तहत सर्व स्वयंसेवी जिलेभर में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों से संपर्क कर रहे हैं और उनकी जरूरत के अनुरूप सेवा उपलब्ध करवाने में जुटे हैं ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा का समाना न करना पड़े