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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन मंत्री विरेन्द्र कंवर ने कहा कि भारत गांवों की मजबूती से ही आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए प्रदेश सरकार गांवों में सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार किया जा सके।
विरेन्द्र कंवर आज नाचन विधान सभा क्षेत्र के तहत विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करने के उपरान्त घरोट, जाच्छ और कुटाहची में जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे।
विरेन्द्र कंवर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश में ग्रामीणों को अपने कामधंधे शुरू करने के लिए 1200 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
उन्होेंने कहा कि हमें आत्मनिर्भर गांव बनाने है। हम गांव के लोगों की जनसहभागिता के साथ देश व प्रदेश की विकास योजनाओं को कन्वर्जैंस मॉडल में बदलेंगे और गांवों में एक बहुत बड़ा परिवर्तन लेकर आएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कन्वर्जैंस मॉडल शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए ताकि सामुदायिक सहभागिता से गांव को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती क्षेत्रों में मनरेगा के तहत ग्रामीण लोगों को रोजगार देने के लिए कृतसंकल्प है। मनरेगा के माध्यम से ही पर्यटन क्षेत्र को भी विकसित करने के हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में 2 करोड़ 75 हजार श्रम दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके फलस्वरूप तीन माह में ही 1 करोड़ 75 लाख दिवस सृजित कर 4.50 करोड़ की राशि लोगों को दिहाड़ी के तौर पर दी गई।
उन्होेंने गृहिणी सुविधा योजना के तहत घरोट में 70 महिलाओं को निःशुल्क एलपीजी कनैक्शन वितरित किए। मनरेगा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
पंचायती राज मंत्री ने संधोहा ग्राम पंचायत शाला में देव श्री कमरूनाग अध्यात्मक मार्ग के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने संग्रह केन्द्र व उप सब्जी मंडी जाच्छ के लिए डेढ़ बिघा जमीन दान देने के लिए रामकी देवी और उनके सुपुत्र चमन लाल को विशेष तौर पर सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक विनोद कुमार ने कहा कि नाचन क्षेत्र में किसानों व बागवानों की सुविधा के लिए बेहतर इंफरास्ट्रक्चर तैयार करने पर बल दिया जा रहा है। जाच्छ में संग्रह केन्द्र एवं उप सब्जी मंडी से क्षेत्र के किसानों को अपने उत्पादों के बिक्री के लिए अच्छी व्यवस्था मिलेगी और उन्हें दूर की मंडियों के चक्कर लगाने से भी निजात मिलेगी। क्षेत्र में ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से किया जा रहा है ताकि गांवों में रोजगार के अवसर भी सृजित हों। उन्होंने बताया कि 1.36 करोड़ की लागत से बिठरी-कुटाहची सड़क को पक्का करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत कुटाहची और मशोगल पंचायत में पेयजल योजना पर 1.98 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।