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शिमला के कुछ निजी स्कूल केवल दो-तीन किश्तों में ही फीस बसूले जाने के लिए अभिभावकों को एस. एम. एस. के माध्यम से जल्द भुगतान करने को वाद्य कर रहे हैं। 30 अप्रेल 2021 को आपके कार्यालय ने एक पत्र दयानन्द पब्लिक स्कूल शिमला से अपने पूर्व के आदेश 05 .12 .2019 के संज्ञान में एक स्पष्टीकरण माँगा है। जोकि आपके कार्यालय द्वारा उठाया गया एक सरहानीय कदम है। परन्तु आपके कार्यालय द्वारा किसी अन्य स्कूल से ऐसी कोई स्पष्टीकरण नहीं माँगा गया है। जबकि अभिभावक संघ शिमला लगातार मांग करता आया है कि बाकि सभी निजी स्कूलों से भी ऐसी ही जानकारी मांगी जाए। जिनमें सैंटएडवर्ड स्कूल , डी ऐ वी स्कूल न्यू शिमला मुख्यतः हैं । यहाँ पर यह बताना भी अपरिहार्य है कि कई निजी स्कूलों ने पी. टी. ऐ. की सहमति के बिना ही अपने स्कूल के फीस बढ़ा भी लिए हैं। जोकि शिक्षा निदेशालय एवं सरकार के निर्देशों के विपरीत है। इस सम्बन्ध में हमारे इस अभिभावक संघ ने मार्च और अप्रेल माह से लगातार कई बार मीडिया के माध्यम से, शिक्षा निदेशालय में मिलकर एवं उपायुक्त कार्यलय में निजी स्कूलों को पी. टी. ऐ. को पुनर्गठित करने एवं नए शिक्षा सत्र में फीस में बढ़ोतरी ना करने की गुहार भी लगाई थी। परन्तु इन सब के विपरीत इन निजी स्कूलों ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए स्कूल के फीस को मासिक के बजाए एवं गत वर्ष के फीस के मुकावले इस कोरोना काल में भी बढाकर केवल दो-तीन किश्तों में ही जल्द से जल्द भुगतान करने का फरमान जारी कर दिया। अभी कल सोमवार (03.05.2021) के दिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी किया है। जिसके अंतर्गत यह आदेश दिया गया है कि सभी निजी स्कूल फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करें। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मामले पर आप अतिशीघ्र संज्ञान लें और इन निजी स्कूलों को इस तरह की एकतरफा कार्यवाही पर रोक लगाएं और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सोमवार (03.05.2021) के आदेश को लागू करवाइए। साथ ही साथ यह भी निर्देश दें कि सब निजी स्कूल पी. टी. ऐ. को पुनर्गठित करें। जिससे सब के सब निजी स्कूल प्रबंधन लोकतान्त्रिक तरीके से एवं सुचारु तरीके से शिक्षा के मंदिर में शिक्षा प्रदान करने का मौलिक , धर्मार्थ कार्य कर सकें।