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विकलांगजनों को उपकरण प्रदान करने के लिए अनुदान राशि अब 20 लाखः ऋचा वर्मा
जिला विकलांगता पुनर्वास केन्द्र की प्रबंधन टीम की बैठक आयोजित
कुल्लू, 16 जुलाई। जिला विकलांगता पुनर्वास केन्द्र की जिला प्रबंधन टीम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा कि जिला विकलांगता पुनर्वास योजना के कार्यान्वयन के लिए विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए शत-प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। जिला अथवा खण्ड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों अथवा शिविरों में भाग लेने के लिए रहने, खाने-पीने व आने-जाने की निशुल्क व्यवस्था के लिए मौजूदा 2.10 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर सवा 5 लाख किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि विकलांगजनों के लिए पांच साल में एक बार निःशुल्क उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं और इसके लिए अनुदान राशि को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया है। योजना के कार्यान्वयन में तैनात स्टाॅफ का मानदेय 20 प्रतिशत बढ़ाया गया है। विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सहायक उपकरणों की मुरम्मत के लिए नाममात्र शुल्क लिया जाता है।
बैठक में जिला पुनर्वास केन्द्र द्वारा बीते वित्त वर्ष के दौरान विकलांगजनों को उपलब्ध करवाई गई सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि 897 लोगों की फिजियोथेरेपी, 33 स्पीचथेरेपी, 393 की आॅडियोमेटरी की गई। क्लीनिकल साईकोलाॅजी 207 व्यक्तिओं की करवाई गई जबकि 752 अन्य पुनर्वास सेवाएं विकलांगजनों को प्रदान की गई हैं। इसके अलावा, विभिन्न पंचायतों में 18 शिविरों का आयोजन किया गया और इनमें 326 लोगों का पंजीकरण हुआ। 39 विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए। जिला पुनर्वास केन्द्र द्वारा विकलांगता का पता लगाने के लिए कुल 524 व्यक्तियों का पंजीकरण किया जिनमें से मेडिकल बोर्ड द्वारा 40 प्रतिशत से कम विकलांगता के 178 लोगों की पहचान की जबकि 346 व्यक्तियों में 40 प्रतिशत से अधिक की विकलांगता पाई गई।