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मंडी, 1 सितम्बर: ‘हमारे लिए अपना पक्का मकान होना तो बस एक सपना ही था, मगर मुख्यमंत्री आवास योजना से अब ये सपना साकार हो गया है।’ मंडी जिला के विकास खंड द्रंग की कुन्नू पंचायत के शिंगार गांव की गायत्री देवी ये कहते हुए मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का बार-बार आभार जताती हैं।
बकौल गायत्री देवी ‘हमारे पास मकान के नाम पर बस एक कमरा था, उसकी भी छत टपकती थी, मैं अपने तीन बच्चों के साथ इसी में रहती थी…बारिश में कमरे के अंदर-बाहर पानी भर आता और तब एक एक पल काटना भारी लगता था। मुख्यमंत्री आवास योजना से केवल सिर पर छत ही नहीं, हमें सम्मान से जीने का हक भी मिला है।’
गायत्री देवी को मुख्यमंत्री आवास योजना में पक्का मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपये की सहायता मिली है। वे इससे बेहद खुश हैं और मुश्किलों से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का आभार जताती हैं।
गौरतलब है कि पहले इस योजना में पक्का मकान बनाने के लिए लाभार्थियों को 1.30 लाख रुपये दिए जाते थे, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया है।
बनने लगा सपनों का आशियाना
‘बरसात में तिरपाल बिछाकर सोते थे’
इसी तरह मुख्यमंत्री आवास योजना की शिंगार गांव की ही एक और लाभार्थी कांता देवी बताती हैं कि पहले उनके पास अपने मकान के नाम पर बस टूटी छत का एक कमरा भर था, छत पर तिरपाल बिछाकर सोते, दोनों बच्चे भी साथ में दुबके रहते ।
उनकी माली हालत ऐसी न थी कि वे अपना पक्का मकान बना पातीं, उन्हें दिन रात ये चिंता सालती रहती। लेकिन प्रदेश सरकार से मुख्यमंत्री आवास योजना में मिली 1.50 लाख की मदद ने उनकी सारी चिंता दूर कर दी। सरकारी मदद की पहली किश्त उन्हें मिल चुकी है । और अब उनके सपनों का आशियाना बनने लगा है, जिससे वे बेहद खुश हैं और मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर की दिल से शुक्रगुजार हैं।
उनके समेत जिला के सभी लाभार्थियों ने एकस्वर में उनके अपने पक्के मकान के सपने को साकार करने और और जीवन की मुश्किलों से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का आभार जताया है। ‘कच्चे मकान में जैसे तैसे चल रही थी गुजर बसर’
ऐसे ही लाभार्थियों में एक सदर उपमंडल की रंधाड़ा पंचायत के जगतराम कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर से मिली आर्थिक मदद से उनका परिवार अब अपने पक्के मकान में रह रहा है। पहले दो कमरे के कच्चे मकान में जैसे तैसे गुजर बसर चल रही थी, बारिश में तो जीना और मुहाल हो जाता था, पर अब उनका पूरा परिवार बेहद खुश है और हिमाचल सरकार का दिल से आभारी है।
क्या हैं प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना हिमाचल का उद्देश्य सभी बेघर परिवारों और कच्चे तथा टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध करना है। प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी का चयन सामाजिक आर्थिक ओर जाति आधारति जनगणना 2011 के आधार पर किया जाता है।
वहीं, मुख्यमंत्री आवास योजना में जो गरीब होने के बावजूद बीपीएल सहित ऐसी किसी श्रेणी में नहीं आते, उन्हें भी योजना के तहत घर बनाने के लिए पैसा दिया जाता है। दोनों ही योजनाओं में प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये की मदद दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी को अपना ही मकान बनाने के लिए मनरेगा में 95 दिन की मजदूरी का भी प्रावधान है।
अढ़ाई साल में 1 हजार लाभार्थी
डीआरडीए के परियोजना अधिकारी नवीन शर्मा बताते हैं कि जिला में बीते अढ़ाई साल में करीब 1 हजार लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का मकान बनाने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
क्या कहते हैं जिलाधीश
जिलाधीश ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि जिला में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों को तुरन्त लाभ प्रदान करना सुनिश्चित बनाया गया है। गरीब लोगों के जीवन में सामाजिक सुरक्षा, जीवन स्तर मंे सुधार एवं उत्थान में यह योजनाएं काफी कारगर सिद्ध हुई हैं।