Tue. Jul 23rd, 2024

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिपकिला का दौरा कर वहां स्थित सेना व भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने जवानों के शौर्य व साहस की सरहाना की। उन्होंने इस अवसर पर जवानों से कहा कि जिला प्रशासन उनको हर तरह की सहायता उपलब्ध करवाने के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि सेना तथा जिला प्रशासन का हर स्तर पर संवाद होता रहना चाहिए।
उन्होंने जवानों से कहा कि वे देश के विभिन्न राज्यों से यहां हजारों किलोमीटर दूर देश के लिए अपनी सेवाएं दे रहें हैं। ऐसे में प्रशासन का यह दायित्व बनता है कि उनकी निजी तथा अन्य समस्याओं के निदान के लिए तत्पर रहें। उन्होंने जवानों से कहा कि यदि उनके निजी घर व जमीन से जुड़ी कोई भी समस्याएं हो तो वे सीधे तौर पर उनसे सम्पर्क कर सकतें हैं ताकि संबंधित जिला प्रशासन के समक्ष उनकी समस्या को रखा जा सके और शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो सके। इससे उनकी समस्याओं का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो सकेगा। इस अवसर पर मदरास रेजिमेंट के मेजर रोहित कुमार आहूजा भी उपस्थित थे।
इसके उपरान्त उपायुक्त ने ग्राम पंचायत नामज्ञया का भी दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं का आवाह्न करते हुए कहा कि वे पर्यटन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में पर्यटन की आपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि युवा यदि पर्यटन व्यवसाय को अपनाता है तो जहां उसे स्वरोजगार मिलता है वहीं व अन्य युवा को भी रोजगार प्रदार करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि जिले को प्रकिृत ने अपार सौदर्य से नवाजा है उसके सही प्रकार से धोहन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए यहां अधोसंरचना विकसित करनी होगी ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने युवाओं को होम-स्टे विकसित करने को भी कहा ताकि यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक जिले की संस्कृति से रू-ब-रू हो सकें।
उपायुक्त ने छोटे शिुशओं को विशेषकर 6 से तीन वर्ष की आयु वर्ग के शिुशओं को पारम्परिक व्यंजन सत्तु, दूध, घी, चूली का तेल इत्यादि को आहार के रूप में देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पारम्परिक आहार पौष्टिक है जो बच्चों के सम्पूर्ण शारीरक व मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने एक प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है जिसमें जिले में आंगनवाड़ी में बच्चों को स्थानीय आहार, सत्तु, घी व चूली का तेल से बने आहार देने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि कई बार हम विज्ञापन की चका-चैंध में अपने पारम्परिक पौष्टिक आहार को छोड़कर विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं।
उन्होंने इस अवसर पर नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी ग्राम पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने के लिए मिल-जुल कर कार्य करें ताकि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सभी को मिल सके।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत के नव-निर्वाचित सदस्यों व महिला मण्डल के सदस्यों तथा उनके साथ आए अन्य गणमान्य व्यक्तियों का पारम्परिक ढंग से स्वागत किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को ग्राम पंचायत की विभिन्न समस्याओं के बारे में भी अवगत करवाया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह अश्वनी कुमार, खण्ड विकास अधिकारी पूह विजय कांत नेगी भी उपस्थित थे।
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