Sat. Jun 22nd, 2024

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के एक संयुक्त उपक्रम के रूप में सीपीएसई के तौर पर एसजेवीएन लिमिटेड की स्थाापना 24 मई,1988 को हुई थी I एसजेवीएन स्टॉ्क्से एक्सरचेंजों में वर्ष 2010 में सूचीबद्ध हुआ तथा वर्तमान में भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार की शेयरधारिता क्रमशः 59.92% तथा 26.85% है जबकि शेष 13.23% शेयर पब्लिक के पास है I

इसकी स्थारपना के बाद एसजेवीएन ने अपनी यात्रा भारत के सबसे बड़े जलविद्युत स्टेेशन यथा 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टे शन के निर्माण से शुरू की I यह विद्युत स्टे शन हिमाचल प्रदेश में वित्तीाय वर्ष 2003-04 में कमीशन किया गया था तब से एसजेवीएन ने विभिन्नी राज्योंे में पाँच और परियोजनाओं को सफलतापूर्वक कमीशन किया जिसमें हिमाचल प्रदेश में 412 मेगावाट का रामपुर जलविद्युत स्टे‍शन, महाराष्ट्रय में 47.6 मेगावाट की खिरवीरे पवन विद्युत परियेाजना, गुजरात में 5.6 मेगावाट का चारंका सौर विद्युत संयंत्र तथा गुजरात में 50 मेगावाट की सादला पवन विद्युत परियोजना शामिल है I अतः एसजेवीएन की यात्रा एकल परियोजना के साथ शुरू हुई, हालांकि आज यह भारत में विभिन्न राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में विद्युत परियोजनाएं कार्यान्वित कर रहा है I 86 कि. मी. लंबी एक ट्रांसमिशन लाईन के अलावा एसजेवीएन की वर्तमान स्थाूपित क्षमता 2016.51 मेगावाट (1912 मेगावाट जलविद्युत+97.6 मेगावाट पवन विद्युत+6.91 मेगावाट सौर विद्युत से युक्त2) है I

अपनी अब तक की यात्रा में एसजेवीएन को, न केवल अत्यावधुनिक प्रौद्योगिकी से संपन्न तथा चुनौतिपूर्ण हिमालयी भूगर्भीय परिस्थितियों में कुशलतापूर्वक कार्य करने का अनुभव है अपितु किसी भी आकार की जलविद्युत परियोजनाओं की अवधारणा, ईष्ट तमीकरण तथा निर्माण के लिए आवश्यनक ज्ञान और क्षमता विकसित कर चुका है I

कंपनी के विस्तािर के अपने लक्ष्यण में एसजेवीएन ने निर्माणार्थ नई परियोजनाओं में प्रवेश किया है तथा अपने आधार का विस्ताकर हिमाचल प्रदेश राज्यष से अखिल भारतीय किया है और अपनी उपस्थिति विदेशों में भी दर्ज की है I वर्तमान में एसजेवीएन विद्युत परियोजनाओं के दोहन की प्रक्रिया में है, जो निर्माण की विभिन्नन अवस्था ओं में है, इन परियोजनाओं में बारह जलविद्युत परियेाजनाएं तथा एक ताप विद्युत परियोजना शामिल है जिनके पूरा होने पर 5574 मेगावाट की क्षमता की वृद्धि‍ होगी I

एसजेवीएन का कुल पोर्टफोलियों 7690 मेगावाट है जिसमें से 2016.51 मेगावाट प्रचालनाधीन है, 3356 मेगावाट निर्माणाधीन है, 588 मेगावाट निर्माण पूर्व एवं निवेश अनुमोदनाधीन है तथा 1730 मेगावाट सर्वेक्षण एवं अन्वेेषणाधीन चरण में है I इसके अलावा नेपाल में अरुण-3 जलविद्युत परियोजना से नेपाल-भारत सीमा पर बथनाहा तक 217 कि.मी. लंबी 400 केवी डी/सी ट्रांसमिशन लाईन भी निर्माणाधीन है I